हिमाचल,23,01,2025
शिमला ( आरएनएस)। करीब तीन महीने से सूखे जैसे हालात झेल रहे हिमाचल प्रदेश में आखिरकार आसमान से राहत बरसी है। राज्य में रात से बारिश-बर्फबारी हो रही है। प्रदेश की राजधानी शिमला सहित, मनाली, नारकंडा, कुफरी, चायल, डलहाैजी, कल्पा के साथ रिहायशी इलाकों में यह इस सीजन की पहली बर्फबारी है। शिमला, चंबा, कुल्लू व लाहाैल-स्पीति व किन्नाैर के कई इलाकों में भारी बर्फबारी हुई है। इसके साथ ही रात से ही तेज हवाएं चल रही हैं। शिमला में बर्फीले तूफान ने लोगों की मुश्किलें बढ़ाई हैं। ताजा बारिश-बर्फबारी से प्रदेश के किसान-बागवानों सहित पर्यटन कारोबारियों व सैलानियों के चेहरे खिल गए हैं। माैसम विज्ञान केंद्र शिमला की ओर से आज कई इलाकों में भारी बारिश-बर्फबारी का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। कई इलाकों के लिए येलो अलर्ट है। बर्फबारी से कई इलाकों में सड़कें, बिजली आपूर्ति ठप होने से लोगों की दुश्वारियां बढ़ गई हैं। सोलन के बड़ोग, कसाैली के अलावा शिमला जिले के नेरवा जैसे कम ऊंचाई वाले इलाके में भी हल्की बर्फबारी हुई।
पहाड़ी की रानी शिमला सहित जिले के ऊंचाई वाले इलाकों में इस सीजन की पहली बर्फबारी हुई है, जबकि अन्य क्षेत्रों में बारिश दर्ज की गई है। शिमला समेत कई स्थानों पर बर्फीला तूफान भी चल रहा है। महीनों के सूखे के बाद हुई इस बर्फबारी से किसानों और बागवानों को बड़ी राहत मिली है। इस दाैरान रिज व मालरोड पर सैलानियों ने जमकर मस्ती की। ताजा बर्फबारी के कारण ऊपरी शिमला की ओर वाहनों की आवाजाही बाधित हो गई है। शिमला की लाइफ लाइन सर्कुलर रोड पर सुबह नाै बजे के बाद वाहनों की आवाजाही ठप हो गई। लोग ठंड में ठिठुरते पैदल अपने गंतव्य तक पहुंचे। चौपाल-देहा सड़क बंद हो गई हैं, जबकि कई इलाकों में बिजली गुल हो गई है। ढली से कुफरी सड़क पर भी आवाजाही बाधित है। जिला प्रशासन ने इन प्रभावित इलाकों में अनावश्यक आवाजाही न करने की सलाह जारी की है। शिमला के टाॅलैंड सहित अन्य इलाकों में गाड़िया बर्फ में फंस गईं।
मनाली में सीजन की पहली बर्फबारी, पर्यटक झूमे
पर्यटन नगरी मनाली में सीजन की पहली बर्फबारी हुई है। बर्फ के फाहे गिरते देख सैलानी खुशी में झूम उठे। मनाली व आसपास के क्षेत्रों में भारी बर्फबारी हो रही है, जिसके कारण सड़कों की स्थिति वाहनों के आवागमन के लिए अनुकूल नहीं है। फिसलन एवं दृश्यता कम होने के कारण दुर्घटनाओं की आशंका बनी हुई है।
अनावश्यक यात्रा से बचें: पुलिस
पुलिस ने आम जनता व पर्यटकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सभी से निवेदन किया जाता है कि अपने-अपने घरों या होटलों में ही रहकर बर्फबारी का आनंद लें और अनावश्यक रूप से बाहर निकलने से बचें। यदि किसी आपात स्थिति में यात्रा करना अत्यंत आवश्यक हो, तो केवलफोर-बाई फोर वाहनों का ही इस्तेमाल करें तथा अत्यधिक सावधानी बरतें। प्रशासन एवं पुलिस द्वारा स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। आमजन से सहयोग की अपील की जाती है। जलोड़ी दर्रा में सर्दी की पहली बर्फबारी होने से हाईवे 305 यातायात के लिए बंद हो गया है। बर्फ होने से बाह्य सराज की 69 पंचायतों का संपर्क जिला मुख्यालय से कट गया है। इसके अटल टनल से होकर भी कुल्लू- केलांग के बीच चलने वाली बस सेवाएं भी ठप हो गई है।
महीनों के सूखे के बाद चंबा जिले में बारिश-बर्फबारी से मिली राहत
चंबा जिले में चार माह के सूखे के बाद जमकर बर्फबारी और बारिश से लोगों को बड़ी राहत मिली है। भरमौर, पांगी की ऊपरी चोटियों से लेकर निचले क्षेत्रों में एक फीट के करीब बर्फबारी हुई। वहीं, डलहौजी, जोत, चुराह, सलूणी और होली क्षेत्र की पहाड़ियां बर्फ से लद गई हैं। बारिश-बर्फबारी ने किसानों-बागवानों के चेहरों पर रौनक लाैट गई है। बारिश के कारण धूल खत्म होने से कई प्रकार की बीमारियों से भी छुटकारा मिलने की लोगों को आस है।
पर्यटक स्थल कल्पा और नारकंडा में हुआ सीजन का पहला हिमपात
जनजातीय जिले किन्नौर के पर्यटक स्थल कल्पा और शिमला के नारकंडा, कुफरी में भी सीजन का पहला हिमपात हुआ है। किन्नौर के नाको में भी हल्का हिमपात हुआ है। लाहौल-स्पीति के काजा में भी सुबह करीब 5:00 बजे से लगातार बर्फबारी हो रही है। वहीं, नारकंडा में रामपुर से शिमला हाईवे बाधित हुआ है। बर्फ पर वाहन फिसल रहे हैं।
सिरमौर के चूड़धार सहित ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी, मैदानी इलाकों में बारिश से किसानों को राहत
सिरमौर जिले के चूड़धार, हरिपुरधार, नोहराधार सहित अन्य ऊंचाई वाले इलाकों में लगातार बर्फबारी हो रही है। वहीं मैदानी क्षेत्रों में हुई बारिश ने किसानों की फसलों को संजीवनी दी है। जिले के पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी के चलते तापमान में गिरावट आई है, जबकि निचले क्षेत्रों में बारिश से गेहूं, मटर और सब्जी की फसलों को खासा लाभ मिलने की उम्मीद है। लंबे समय से सूखे मौसम के कारण परेशान किसानों ने बारिश को राहत मिली है प्रशासन ने ऊंचाई वाले क्षेत्रों में यात्रा करने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
सोलन में बारिश, चायल में बर्फबारी
सोलन जिले में रात से बारिश हो रही है। पर्यटक स्थल चायल में हल्की बर्फबारी भी हो रही। बारिश से किसानों बागवानों को राहत मिली है। इससे तापमान में गिरावट आई है
जानिए कब तक बरसेंगे बादल
मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने आज कुल्लू, चंबा एवं लाहौल-स्पीति में भारी बर्फबारी का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। अन्य जिलों में बारिश और ओलावृष्टि का येलो अलर्ट है। कई क्षेत्रों में तेज हवाएं चलने का भी पूर्वानुमान है। राज्य के कई इलाकों में आगामी 28 जनवरी तक माैसम खराब बना रहने का पूर्वानुमान है। 24 व 25 जनवरी को ऊंचाई वाले कुछ क्षेत्रों में बारिश-बर्फबारी हो सकती है। जबकि 26 से 28 जनवरी तक फिर अच्छी बारिश-बर्फबारी होने के आसार हैं।
कहां कितना बारिश-बर्फबारी
बीती रात को भरवाईं में 25.0, अंब 21.0, अघार 17.6, कंडाघाट 17.0, पच्छाद 15.3, राजगढ़ 14.0, काहू 13.5, गुलेर 13.3, नगरोटा सूरियां व 12.4 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है। जबकि कोठी में 15.0, गोंदला 12.0, कुकुमसेरी 6.8, जोत 6.0, सलौनी 5.0, मनाली 4.8, केलांग 4.0, कुफरी 4.0, भरमौर 4.0 व शिमला में 0.6 सेंटीमीटर बर्फबारी हुई है।
कहां कितना न्यूनतम तापमान
शिमला में बीती को रात का न्यूनतम तापमान 0.0, सुंदरनगर 8.0, भुंतर 5.2, कल्पा -0.2, धर्मशाला 6.2, ऊना 5.5, नाहन 4.3, पालमपुर 4.0, सोलन 2.4, मनाली 1.5, कांगड़ा 7.7, मंडी 8.3, बिलासपुर 4.0, हमीरपुर 8.4, जुब्बड़हट्टी 4.0, कुफरी -2.3, कुकुमसेरी -2.8, नारकंडा -3.5, रिकांगपिओ 3.8, बरठीं 8.4, चाैपाल 0.5, पांवटा साहिब 8.0, सराहन 6.3, देहरागोपीपुर 6.0, ताबो -4.2 व मशोबरा में -0.9 डिग्री सेल्यियस दर्ज किया गया है।
शिमला में भारी बर्फबारी के बीच शर्ट उतारकर फोटो खिंचवाने लगा सैलानी
हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में भारी बर्फबारी के बीच एक सैलानी शर्ट उतारकर बर्फ में मस्ती करता नजर आया। हालांकि, जिस तरह से शिमला में बर्फीला तूफान चल रहा है, उससे इस तरह के स्टंट करने से हाइपोथर्मिया, निमोनिया का जोखिम बढ़ जाता है। प्रशासन की ओर से भी लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। पर्यटकों व अन्य लोगों को ऐसी फूहड़ता और स्टंटबाजी से बचने की सलाह दी है। रिज व मालरोड पर अन्य सैलानियों ने भी बर्फ में खूब अठखेलियां कीं।
नाचन की कमरूघाटी में तीन घंटे चला अंधड़, घरों की छतें उड़ीं, बिजली गुल
मंडी जिले के नाचन क्षेत्र की कमरूघाटी में शुक्रवार सुबह अंधड़ ने भारी तबाही मचाई। करीब तीन घंटे तक चले अंधड़ से अनेक घरों की छतें उड़ गईं, जबकि लोगों की घरेलू संपत्ति और वन संपदा को भारी नुकसान पहुंचा है।
तेज हवाओं के कारण कई मकानों के शीशे टूट गए। हवा के तेज आवेग से मकानों की स्लेटें और पेड़ों की टहनियां टूटकर वाहनों पर गिर गईं। इससे कई गाड़ियों के शीशे भी चकनाचूर हो गए। अंधड़ इतना तेज था कि लोग घरों में दुबकने को मजबूर हो गए और पूरे क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बना रहा।
