उत्तराखंड ,02,02,2026
दांतों में दर्द की परेशानी या सूजन की समस्या पर सभी ध्यान देते हैं, लेकिन सडऩ दांतों के लिए साइलेंट किलर की तरह काम करती है। बाहर से चमकदार दिखने वाले दांतों के अंदर कब धीरे-धीरे छेद बन जाता है, ये पता ही नहीं चलता और जब चलता है, तब तक सडऩ दांतों को घेर चुकी होती है। दांतों में सडऩ की समस्या से असहनीय दर्द होता है और ये धीरे-धीरे सारे दांतों को संक्रमित कर देती है; ऐसे में दांतों की देखभाल करना बहुत जरूरी है। दांतों में सडऩ की प्रक्रिया बहुत धीमी गति से होती है और इसके लक्षण भी नजर नहीं आते हैं। दर्द के बाद पता चलता है कि दांतों में सडऩ हो चुकी है। दांतों में सडऩ के बहुत सारे कारण हो सकते हैं, जैसे ज्यादा मीठा खाना, सही तरीके से ब्रश और कुल्ला न करना, मुंह में लार में कमी होना, कैल्शियम और विटामिन डी की कमी, साथ ही रात में बिना ब्रश किए सो जाना। ये सभी कारण दांतों में सडऩ पैदा करने के लिए काफी हैं।
आयुर्वेद में दांतों की सडऩ से बचने के लिए और मसूड़ों की मजबूती के लिए कई घरेलू उपाय बताए गए हैं, जिन्हें घर बैठे आराम से कर सकते हैं। पहला है लौंग के तेल का इस्तेमाल। लौंग का तेल दांतों के दर्द और बैक्टीरिया को कम करने का काम करता है, जिससे सडऩ की प्रक्रिया कम हो जाती है। इसके लिए रात के समय लौंग के तेल को कुछ समय के लिए दांतों पर लगाकर छोड़ दें और पानी से साफ कर लें।
दूसरा है नीम से दातुन या कुल्ला। नीम प्राकृतिक एंटी बैक्टीरियल है, जो दांतों से बैक्टीरियल संक्रमण को कम करने में मदद करता है। वहीं नीम की दातुन भी दांतों के स्वास्थ्य के लिए लाभकारी होती है। तीसरा है नारियल तेल से ऑयल पुलिंग। ऑयल पुलिंग दांतों के कोनो-कोनों में जाकर गंदगी को साफ करने का काम करती है और दांतों पर लगे पीलेपन को साफ करती है। इसके लिए तेल को मुंह के अंदर 5 मिनट के लिए घुमाएं और फिर कुल्ला कर लें।
चौथा है नमक और सरसों के तेल का मिश्रण। नमक और सरसों के तेल का मिश्रण दांतों के दर्द में राहत देता है और दांतों में पनप रहे बैक्टीरिया का भी नाश करता है। हफ्ते में तीन बार इस मिश्रण को लगाने से दांतों से पीलापन भी कम हो जाता है। इन नुस्खों के अलावा, आहार में बदलाव भी जरूरी हैं।
आहार में कैल्शियम और विटामिन डी शामिल करें। कैल्शियम और विटामिन डी दोनों मिलकर दातों को मजबूती देते हैं और मसूड़ों से खून आने की समस्या भी कम होती है। इसके साथ ही दांतों के लिए विटामिन सी भी जरूरी है; इसके लिए दिन में एक समय किसी खट्टे फल का सेवन जरूर करें। यह भी दांतों के स्वास्थ्य के लिए लाभकारी है।
