HamariChoupal,30,03,2025
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देवेन्द्र पींचा के निर्देशन में थानाध्यक्ष देघाट, दिनेश नाथ महंत ने इस महत्वपूर्ण कार्रवाई को अंजाम दिया। जानकारी के अनुसार, 11 फरवरी 2025 को देघाट पुलिस ने दो अभियुक्तों, सुन्दर सिंह और खीम सिंह से वाहन संख्या UK01-CA-0427 पिकअप और UK20-1017 बलेनो कार के माध्यम से कुल 116.358 किलोग्राम अवैध गांजा बरामद किया। इस मामले में थाना देघाट में FIR संख्या 06/2025 और धाराएँ 8/20/60 NDPS एक्ट के तहत शिकायत दर्ज की गई थी।
गांजा तस्करी के इस नेटवर्क में कुलदीप सिंह का नाम भी सामने आया, जिसे 22 फरवरी 2025 को गिरफ्तार किया गया। ये तीनों तस्कर थाना देघाट क्षेत्र समेत अन्य जनपदों में एक संगठित गैंग के रूप में नशे का जुर्म कर रहे थे। कुलदीप सिंह, जो गैंग का लीडर है, उसके खिलाफ पहले से NDPS एक्ट के तहत कई मामले दर्ज हैं, साथ ही चार अन्य आबकारी अधिनियम की धाराएँ भी उसके खिलाफ लग चुकी हैं।
सप्ताहभर पहले, इन तस्करों के खिलाफ थाना देघाट में FIR संख्या 08/2025, धाराएँ 2/3 उत्तर प्रदेश गिरोहबंद समाज विरोधी क्रियाकलाप अधिनियम 1986 के तहत भी मामला दर्ज किया गया था। SSP अल्मोड़ा के निर्देश पर गैंग लीडर कुलदीप सिंह मनराल की हिस्ट्रीशीट तैयार की गई है, और उसकी गतिविधियों पर भविष्य में नजर रखी जाएगी।
पुलिस अब इन तीनों तस्करों की संपत्तियों की जांच कर रही है, और यदि उन्हें नशे के माध्यम से अर्जित संपत्तियाँ मिलीं, तो उन पर जब्तीकरण की कार्रवाई की जाएगी।
अभियुक्तों में शामिल हैं—सुन्दर सिंह (29 वर्ष, नीबूगैर), खीम सिंह (25 वर्ष, नहलगैर), और कुलदीप सिंह (32 वर्ष, सिमलग्वैना)।
यह कार्यवाही नशे के खिलाफ पुलिस प्रशासन की सख्त मुहिम का हिस्सा है, और इसके माध्यम से समाज में नशे के खतरे को कम करने का प्रयास किया जा रहा है। पुलिस की यह कार्रवाई न केवल कानून व्यवस्था को सुनिश्चित करती है, बल्कि इससे युवाओं को नशे के विकृत प्रभावों से भी बचाने का एक महत्वपूर्ण कदम है।