देहरादून, 17 मार्च 2025(आरएनएस ) देहरादून के रायपुर क्षेत्र में जनसेवा केंद्र में हुई लूट की वारदात का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। पुलिस ने इस घटना के मास्टरमाइंड दिलशाद सहित तीन अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि एक मुख्य अभियुक्त मुठभेड़ के दौरान घायल हुआ है।
कैसे हुआ वारदात का खुलासा?
जनसेवा केंद्र संचालक अरुण पाल ने 11 मार्च को थाना रायपुर में शिकायत दर्ज कराई थी कि तीन युवकों ने तमंचे की नोक पर उनके केंद्र से ₹2.5 लाख की लूट की। जांच के दौरान यह सामने आया कि वास्तविक रूप से ₹70,000 की ही लूट हुई थी।
पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल जांच शुरू की। सीसीटीवी फुटेज, सर्विलांस और मुखबिर तंत्र की मदद से पुलिस को पता चला कि इस वारदात के पीछे बिजनौर के गिरोह का हाथ है। जांच के दौरान पुलिस ने चंदन नगर क्षेत्र से दिलशाद को हिरासत में लिया, जिसने पूछताछ में लूट की साजिश का खुलासा किया।
मुठभेड़ और गिरफ्तारियां
गिरफ्तार अभियुक्तों के बयान के आधार पर पुलिस को पता चला कि दो अन्य अभियुक्त, साहिल और कामिल, लूट में मिले पैसे का हिस्सा लेने देहरादून लौट रहे हैं। इस सूचना पर पुलिस ने सभी थाना क्षेत्रों में सघन चेकिंग अभियान शुरू किया।
रानीपोखरी क्षेत्र में पुलिस चेकिंग के दौरान दो संदिग्ध स्कूटी पर भागने लगे। पुलिस के पीछा करने पर बदमाशों ने फायरिंग शुरू कर दी। आत्मरक्षा में पुलिस ने भी जवाबी फायरिंग की, जिसमें साहिल नामक बदमाश के पैर और हाथ में गोली लगी, जबकि उसका साथी कामिल जंगल में भागने की कोशिश में गिरफ्तार कर लिया गया।
क्या मिला बदमाशों से?
गिरफ्तार अभियुक्तों के कब्जे से
₹25,000 नकद
एक देशी तमंचा
4 जिंदा कारतूस, 2 खोखा कारतूस
चोरी की स्कूटी बरामद की गई।
अपराधियों का आपराधिक इतिहास
गिरफ्तार अभियुक्त साहिल के खिलाफ दिल्ली में हत्या और बिजनौर में लूट के मामले दर्ज हैं। वहीं, कामिल पर भी हत्या का मामला चल रहा है। पुलिस अब फरार दो अन्य अभियुक्तों, मोहित और राहुल, की गिरफ्तारी के लिए टीमें रवाना कर चुकी है।
पुलिस टीम को मिलेगा इनाम
एसएसपी देहरादून ने इस सफल खुलासे पर पुलिस टीम को ₹25,000 के पुरस्कार से सम्मानित करने की घोषणा की है।