HamariChoupal,27,02,2026
दुबई में क्यों ‘सस्ता’ हुआ सोना?
दुबई को दुनिया भर में सोने की रिफाइनिंग और निर्यात का एक प्रमुख केंद्र माना जाता है. स्विट्जरलैंड, ब्रिटेन और कई अफ्रीकी देशों से आने वाला सोना यहीं से होकर एशिया और भारत तक पहुंचता है. लेकिन ईरान द्वारा दागी गई मिसाइलों के कारण संयुक्त अरब अमीरात (UAE) का हवाई क्षेत्र आंशिक रूप से बंद कर दिया गया है.
आमतौर पर सोने की भारी खेप यात्री विमानों के कार्गो में भेजी जाती है. उड़ानें रद्द होने या बेहद सीमित होने के कारण अब सप्लायर्स अपना माल बाहर नहीं भेज पा रहे हैं. स्थिति यह है कि व्यापारी अब नए ऑर्डर लेने से कतरा रहे हैं. शिपिंग और इंश्योरेंस का खर्च आसमान छू रहा है और माल समय पर पहुंचने की कोई गारंटी नहीं है. बिना किसी निश्चितता के अनिश्चित काल तक स्टोरेज का भारी भरकम किराया चुकाने से बचने के लिए, व्यापारी अब लंदन बेंचमार्क प्राइस से करीब 30 डॉलर प्रति औंस तक की भारी छूट पर अपना सोना निकाल रहे हैं.
आसमान से ज़मीन तक, हर रास्ता बंद
हवाई मार्ग बाधित होने के बाद जमीनी रास्ते भी सुरक्षित विकल्प नहीं बचे हैं. व्यापारी और लॉजिस्टिक्स कंपनियां उच्च मूल्य वाले इस संवेदनशील माल को सड़क के रास्ते सऊदी अरब या ओमान जैसे पड़ोसी देशों के हवाई अड्डों तक ले जाने से डर रही हैं. जमीनी सीमाओं को पार करने में जुड़े जोखिम और सुरक्षा जटिलताओं ने इस विकल्प को भी लगभग नामुमकिन बना दिया है. यही कारण है कि ‘दुबई गुड डिलीवरी’ मानक वाले सोने की कीमतें (जो वैसे भी लंदन की कीमतों से थोड़ी कम होती हैं) अब इस शिपिंग बाधा के कारण और भी ज्यादा गिर गई हैं.
भारत के आम खरीदार पर क्या होगा असर?
भारत, दुबई से सोना आयात करने वाले सबसे बड़े देशों में से एक है. ऐसे में आम भारतीय उपभोक्ता के मन में यह सवाल उठना लाजमी है कि क्या इससे उनके लिए भी सोना सस्ता होगा या बाजार में इसकी किल्लत हो जाएगी? भारत के प्रमुख स्वर्ण डीलर ‘ऑगमोंट एंटरप्राइजेज लिमिटेड’ की रिसर्च हेड रेनिषा चैनानी के मुताबिक, दुबई से आने वाले कई कार्गो शिपमेंट में देरी हुई है या वे फंस गए हैं. इस वजह से भारत में फिजिकल गोल्ड की उपलब्धता में कुछ समय के लिए कमी देखने को मिली है.
हालांकि, आम खरीदारों को फिलहाल घबराने की जरूरत नहीं है. ‘मेटल्स फोकस’ के दक्षिण एशिया के प्रमुख सलाहकार चिराग शेठ बताते हैं कि भारत में अभी तत्काल मांग अपेक्षाकृत कम है. जनवरी में हुए भारी आयात के कारण भारतीय डीलरों के पास पर्याप्त इन्वेंट्री मौजूद है. लेकिन उनका यह भी स्पष्ट कहना है कि यदि यह युद्ध और शिपिंग का संकट कुछ और महीनों तक खिंचता है, तो निश्चित रूप से भारतीय बाजार में आपूर्ति की बड़ी समस्या खड़ी हो सकती है.
स्पॉट गोल्ड की कीमतों में लगभग 20% का उछाल
इस साल अब तक स्पॉट गोल्ड की कीमतों में लगभग 20% का उछाल आ चुका है. वर्तमान में यह 5,172 डॉलर प्रति औंस के करीब कारोबार कर रहा है. हालांकि, डॉलर की मजबूती के कारण इस सप्ताह ट्रेडिंग में कुछ उतार-चढ़ाव जरूर देखने को मिला है.
तैयार सोने के अलावा, खदानों से सीधे आने वाले ‘डोर’ (अर्ध-परिष्कृत सोने की छड़ें) की आपूर्ति भी बुरी तरह प्रभावित हुई है. भारत की सबसे बड़ी कीमती धातु रिफाइनरी ‘एमएमटीसी-पीएएमपी’ (MMTC-PAMP) के प्रबंध निदेशक समित गुहा ने बताया कि उनका लगभग 10% डोर मध्य पूर्व की एक खदान से आता है, जिसकी आपूर्ति अब पूरी तरह बाधित हो गई है. अन्य जगहों से आने वाले नए कॉन्ट्रैक्ट्स के लिए, युद्ध शुरू होने के बाद से लॉजिस्टिक्स लागत 60% से 70% तक बढ़ गई है.
