HamariChoupal,11,04,2026
देहरादून। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशानुसार राज्य में अपराधियों और संदिग्धों के विरुद्ध चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन प्रहार’ के तहत देहरादून पुलिस ने व्यापक कार्रवाई शुरू कर दी है। शनिवार को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) देहरादून के नेतृत्व में पुलिस बल ने राजधानी की सड़कों पर उतरकर अपराध नियंत्रण और सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। इस दौरान ड्रंक एंड ड्राइव, यातायात नियमों के उल्लंघन और संदिग्ध व्यक्तियों के खिलाफ कड़ी वैधानिक कार्रवाई की गई।
अभियान की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि एसएसपी देहरादून स्वयं ग्राउंड जीरो पर उतरकर टीम की अगुवाई कर रहे हैं। पुलिस अधीक्षक नगर, ग्रामीण और यातायात के नेतृत्व में अलग-अलग टीमें गठित कर देर रात्रि तक सघन चेकिंग अभियान चलाया गया। पुलिस ने ओवर स्पीडिंग, रेस ड्राइविंग और नशे की हालत में वाहन चलाने वालों के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाई।

चेकिंग के दौरान पुलिस ने शराब पीकर वाहन चलाने वाले33 चालकों को गिरफ्तार कर उनके वाहनों को मौके पर ही सीज कर दिया। इसके अतिरिक्त, यातायात नियमों के उल्लंघन पर 125 चालकों के चालान कर 67,500 रुपये का जुर्माना वसूला गया। वहीं, गंभीर उल्लंघन के मामलों में 20 चालकों के कोर्ट चालान किए गए और कुल 42 वाहनों को सीज किया गया।
आगामी वीवीआईपी भ्रमण कार्यक्रम और सुरक्षा व्यवस्था के दृष्टिगत पुलिस ने बाहरी व्यक्तियों, किरायेदारों और घरेलू नौकरों के सत्यापन पर विशेष जोर दिया है। पिछले दो दिनों में पुलिस ने 1619 बाहरी व्यक्तियों का सत्यापन किया। इस दौरान नियमों की अनदेखी करने वाले और सत्यापन न कराने वाले 253 मकान मालिकों व प्रतिष्ठान स्वामियों के खिलाफ 83 पुलिस एक्ट के तहत कार्रवाई की गई, जिनसे कुल 25 लाख 30 हजार रुपये का भारी-भरकम जुर्माना वसूला गया।

रात्रि अभियान के दौरान शहर में घूम रहे 1500 से अधिक व्यक्तियों से पूछताछ की गई। इनमें से संदिग्ध पाए गए 171 व्यक्तियों के खिलाफ 81 पुलिस एक्ट में चालान कर जुर्माना वसूला गया। साथ ही, 5 संदिग्ध व्यक्तियों को 172 बीएनएसएस (BNSS) के तहत हिरासत में लेकर थाने लाया गया, जहां उनसे गहन पूछताछ की जा रही है।
एसएसपी देहरादून ने स्पष्ट किया है कि ‘ऑपरेशन प्रहार’ के तहत यह अभियान लगातार जारी रहेगा। उन्होंने जनता से अपील की है कि वे अपने किरायेदारों और नौकरों का अनिवार्य रूप से सत्यापन कराएं, अन्यथा भविष्य में और भी कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
