HamariChoupa,16,02,2026
देहरादून। उत्तराखंड की राजधानी देहरादून आज राजनीतिक उबाल से गूंज रही थी, जब भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने राज्य सरकार के खिलाफ अपने सबसे बड़े जन-प्रदर्शनों में से एक का आयोजन किया। 16 फरवरी 2026 को परेड ग्राउंड में सुबह से ही कांग्रेस के झंडे लहराने लगे और हजारों-हजार कार्यकर्ता, महिला-पुरुष, युवा और वरिष्ठ नेता एकत्रित होने लगे। पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल के नेतृत्व में यह विशाल जनसैलाब राजभवन (जिसे अब लोकभवन कहा जा रहा है) की ओर कूच करने के लिए तैयार था।
कांग्रेस ने दावा किया कि परेड ग्राउंड से शुरू हुई इस रैली में 25 से 30 हजार तक लोग शामिल हुए, जिसने देहरादून की प्रमुख सड़कों को कांग्रेसी नारों, बैनरों और झंडों से पट कर दिया। पुलिस की भारी मौजूदगी के बावजूद प्रदर्शनकारियों का जोश कम नहीं हुआ। कुछ जगहों पर ट्रैफिक को डायवर्ट किया गया और शहर की यातायात व्यवस्था प्रभावित रही। रैली परेड ग्राउंड से निकलकर मुख्य मार्गों से गुजरते हुए राजभवन की ओर बढ़ी, जहां कार्यकर्ताओं ने जोरदार नारेबाजी की और सरकार के खिलाफ जमकर हल्ला बोला।

प्रदर्शन का मुख्य केंद्र राज्य में बिगड़ती कानून-व्यवस्था रहा। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार के शासन में जघन्य हत्याएं, महिला उत्पीड़न और अपराधों की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं, जबकि सरकार माफियाओं—खासकर भू-माफिया और खनन माफिया—को संरक्षण दे रही है। इसके अलावा बेरोजगारी का संकट, युवाओं की बदहाली, महंगाई का बोझ, जंगली जानवरों के हमलों से किसानों-ग्रामीणों की परेशानी और मनरेगा योजना के नाम में बदलाव जैसे फैसलों का भी तीखा विरोध किया गया।
नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य, पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष करन माहरा, हरक सिंह रावत, कुमारी शैलजा, ज्योति रौतेला और अन्य दिग्गज नेताओं ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि यह राजभवन कूच मात्र एक प्रदर्शन नहीं, बल्कि 90 दिनों के सरकार-विरोधी अभियान का अहम हिस्सा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने जनता की समस्याओं पर ध्यान नहीं दिया तो आंदोलन और तेज होगा तथा गांव-गांव, क्षेत्र-क्षेत्र तक फैलाया जाएगा।


वहीं, विभिन्न मुद्दों को लेकर हजारों की संख्या में लोकभवन कूच करने निकले कांग्रेसियों को पुलिस ने हाथी बड़कला में बैरिकेडिंग लगाकर रोक दिया. इसके बाद कई कांग्रेसी नेता और कार्यकर्ता बैरिकेडिंग के ऊपर चढ़ गए और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी करने लगे. उधर, नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य और उनके समर्थक पहला बैरिकेडिंग तोड़कर मुख्य बैरिकेडिंग तक पहुंचे.
प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने कुछ स्थानों पर कार्यकर्ताओं को रोकने की कोशिश की, लेकिन कांग्रेस का दावा है कि जनसैलाब ने अपना संदेश स्पष्ट रूप से पहुंचा दिया। अभी तक राज्य सरकार की ओर से इस प्रदर्शन पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह प्रदर्शन उत्तराखंड में कांग्रेस की आक्रामक रणनीति का संकेत है, जो आने वाले समय में राजनीतिक समीकरणों को प्रभावित कर सकता है। देहरादून की सड़कें आज कांग्रेस के जनसैलाब से लबालब हो उठीं, और नारे गूंजते रहे।
