HamariChoupal,25,03,2026
पंचकूला ,25 मार्च,(आरएनएस)। हरियाणा में बैंकिंग घोटालों की श्रृंखला थमने का नाम नहीं ले रही है। ढ्ढष्ठस्नष्ट स्नद्बह्म्ह्यह्ल क्चड्डठ्ठद्म में 590 करोड़ रुपये के घोटाले के बाद अब ्यशह्लड्डद्म रूड्डद्धद्बठ्ठस्रह्म्ड्ड क्चड्डठ्ठद्म की पंचकूला सेक्टर-11 शाखा में करीब 160 करोड़ रुपये के गबन का मामला सामने आया है। यह राशि पंचकूला नगर निगम की बताई जा रही है।
जानकारी के अनुसार, नगर निगम ने इस शाखा में कुल 16 फिक्स्ड डिपॉजिट (स्नष्ठ) करवाई थीं, जिन्हें पहले एसबीआई से ट्रांसफर किया गया था। हाल ही में जब इन एफडी की मैच्योरिटी पर रकम वापस लेने के लिए बैंक को पत्र भेजा गया, तो बैंक ने संबंधित एफडी का कोई रिकॉर्ड होने से इनकार कर दिया। इस खुलासे के बाद नगर निगम में हड़कंप मच गया और तत्काल आंतरिक जांच शुरू की गई। अकाउंट अधिकारियों, कमिश्नर और ज्वाइंट कमिश्नर की टीम ने दस्तावेजों की जांच कर रिपोर्ट सरकार और बैंक प्रबंधन को सौंप दी है।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि फर्जी दस्तावेजों के आधार पर अतिरिक्त खाते खोले गए और एफडी की राशि को इन खातों में ट्रांसफर कर दिया गया। आशंका है कि बड़ी रकम एक महिला के खाते में भी भेजी गई, जिसके परिवार में कुछ वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी शामिल बताए जा रहे हैं। इसके अलावा, पैसा शेल कंपनियों के खातों में जमा किए जाने की भी बात सामने आई है।
घोटाले को छिपाने के लिए कथित तौर पर एफडी के रिन्यूअल से जुड़े दस्तावेज नियमित रूप से नगर निगम को भेजे जाते रहे, जिससे अधिकारियों को लंबे समय तक संदेह नहीं हुआ। लेकिन हालिया बैंक घोटालों के बाद जब रकम वापस मांगी गई, तब यह मामला उजागर हुआ। जांच में यह भी सामने आया कि बैंक द्वारा जारी किए गए स्टेटमेंट फर्जी थे। नगर निगम ने 58 करोड़ और 102 करोड़ रुपये की एफडी की मैच्योरिटी राशि ट्रांसफर करने का अनुरोध किया था, लेकिन वास्तविक खाते में पैसा नहीं पहुंचा।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस के आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ को जांच सौंपी गई है। विजिलेंस विभाग ने भी केस दर्ज कर लिया है और बैंक कर्मचारियों सहित अन्य संदिग्धों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी गई है। बैंक प्रबंधन ने भी अलग से शिकायत दर्ज कराई है।
गौरतलब है कि इससे पहले ढ्ढष्ठस्नष्ट स्नद्बह्म्ह्यह्ल क्चड्डठ्ठद्म और ्र स्द्वड्डद्यद्य स्नद्बठ्ठड्डठ्ठष्द्ग क्चड्डठ्ठद्म में भी पंचकूला नगर निगम के करोड़ों रुपये के घोटाले सामने आ चुके हैं। ढ्ढष्ठस्नष्ट स्नद्बह्म्ह्यह्ल क्चड्डठ्ठद्म मामले में 590 करोड़ रुपये की राशि बाद में बैंक द्वारा लौटा दी गई थी, जबकि अब तक 11 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। फिलहाल, इस नए घोटाले में किन-किन लोगों की भूमिका है, इसका खुलासा जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगा।
