देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को मिनी स्टेडियम, ननूरखेड़ा में आयोजित खेल महाकुम्भ-2026 एवं मुख्यमंत्री चैम्पियनशिप ट्रॉफी के समापन समारोह में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री चैम्पियनशिप ट्रॉफी में देहरादून जनपद ने शानदार प्रदर्शन करते हुए विजेता बनने का गौरव हासिल किया। मुख्यमंत्री ने विजेता जनपद को ट्रॉफी के साथ पांच लाख रुपये की पुरस्कार राशि प्रदान की। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने युवाओं के लिए तैयार किए गए meroyuva.in पोर्टल का भी विमोचन किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड अब देवभूमि के साथ-साथ खेल भूमि के रूप में भी अपनी पहचान बना रहा है। खेल महाकुम्भ प्रदेश की ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में छिपी खेल प्रतिभाओं को आगे लाने का सशक्त माध्यम बन गया है। इस वर्ष खेल महाकुम्भ में प्रदेशभर से 3 लाख 35 हजार से अधिक खिलाड़ियों ने प्रतिभाग किया, जबकि पिछले वर्ष यह संख्या करीब 2 लाख 20 हजार थी। खिलाड़ियों की बढ़ती भागीदारी इस आयोजन की लोकप्रियता और खेलों के प्रति युवाओं के बढ़ते रुझान को दर्शाती है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि इस वर्ष मुख्यमंत्री चैम्पियनशिप ट्रॉफी के तहत 32 प्रतियोगिताओं का आयोजन प्रदेश की 662 न्याय पंचायतों, सभी 70 विधानसभा क्षेत्रों, संसदीय क्षेत्र और राज्य स्तर पर किया गया। प्रतियोगिताओं में बेहतर प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने के लिए करीब 11 करोड़ 30 लाख रुपये की पुरस्कार राशि सीधे उनके बैंक खातों में डीबीटी के माध्यम से हस्तांतरित की जा रही है।
उन्होंने कहा कि सरकार ने मुख्यमंत्री चैम्पियनशिप ट्रॉफी की राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं में पदक जीतने वाले पात्र खिलाड़ियों को निर्धारित नियमों के तहत सरकारी सेवाओं की सीधी भर्ती में चार प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण देने का भी निर्णय लिया है। सरकार का उद्देश्य है कि प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को आर्थिक संसाधनों की कमी के कारण अपने लक्ष्य से पीछे न हटना पड़े।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2017 में शुरू किए गए खेल महाकुम्भ ने आज एक बड़े खेल आयोजन का रूप ले लिया है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में खेलो इंडिया और फिट इंडिया जैसे अभियानों ने देश में खेल संस्कृति को मजबूत किया है। उत्तराखण्ड में आयोजित 38वें राष्ट्रीय खेलों में भी प्रदेश के खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन कर राज्य का मान बढ़ाया था। उन्होंने विश्वास जताया कि खेल महाकुम्भ से निकलने वाली प्रतिभाएं आने वाले समय में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रदेश का नाम रोशन करेंगी।
खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि खेल में हार-जीत लगी रहती है। जो खिलाड़ी इस बार पदक नहीं जीत पाए हैं, उन्हें निराश होने के बजाय और अधिक मेहनत कर अगले मुकाबलों की तैयारी करनी चाहिए। सरकार खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण, आधुनिक सुविधाएं और आगे बढ़ने के अवसर उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।
कार्यक्रम में खेल मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि प्रदेश सरकार खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने के लिए मुख्यमंत्री उदीयमान खिलाड़ी उन्नयन योजना और मुख्यमंत्री खिलाड़ी प्रोत्साहन योजना संचालित कर रही है। इनके माध्यम से चयनित खिलाड़ियों को छात्रवृत्ति और खेल उपकरणों के लिए आर्थिक सहायता दी जा रही है। लोहाघाट में बालिका स्पोर्ट्स कॉलेज का संचालन शुरू किया गया है। इसके साथ ही राज्य क्रीड़ा विश्वविद्यालय और आधुनिक खेल अकादमियों की स्थापना की दिशा में भी कार्य किया जा रहा है।
समारोह में मलखम्ब एवं आर्टिस्टिक योग का आकर्षक प्रदर्शन किया गया। इस दौरान राज्यसभा सांसद नरेश बंसल, युवा कल्याण सलाहकार परिषद के उपाध्यक्ष विनोद सुयाल एवं कुन्दन सिंह लटवाल, विशेष प्रमुख सचिव अमित कुमार सिन्हा तथा युवा कल्याण एवं प्रांतीय रक्षक दल की निदेशक दीप्ति सिंह सहित अन्य अधिकारी और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।
खेल महाकुम्भ में उमड़ा प्रतिभाओं का सैलाब, 3.35 लाख खिलाड़ियों ने लिया हिस्सा
मुख्यमंत्री चैम्पियनशिप ट्रॉफी पर देहरादून का कब्जा, पांच लाख रुपये की पुरस्कार राशि से किया सम्मानित
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