Anurag Gupta
देहरादून।
राजधानी देहरादून में अवैध निर्माण और अवैध प्लाटिंग के खिलाफ मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (MDDA) ने कार्रवाई तेज कर दी है। इसी क्रम में प्राधिकरण की टीम ने कावली क्षेत्र स्थित इंजीनियर्स एन्कलेव में बिना मानचित्र स्वीकृति के किए जा रहे व्यावसायिक निर्माण को सील कर दिया। मौके पर पुलिस बल की मौजूदगी में हुई इस कार्रवाई से अवैध निर्माण करने वालों में हड़कंप मच गया।
प्राधिकरण से प्राप्त जानकारी के अनुसार, अनिल सक्सेना एवं अन्य की ओर से मिलन विहार के सामने, इंजीनियर्स एन्कलेव, कावली क्षेत्र में व्यावसायिक गतिविधियों के लिए टिन शेड और कमरों का निर्माण किया जा रहा था। निर्माण के लिए आवश्यक मानचित्र स्वीकृति नहीं ली गई थी। मामला संज्ञान में आने के बाद MDDA ने संबंधित पक्ष के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई शुरू की।
नोटिस के बाद भी नहीं मिले संतोषजनक जवाब
MDDA ने उत्तर प्रदेश नगर योजना एवं विकास अधिनियम, 1973 में उत्तराखंड के लिए किए गए संशोधनों की संबंधित धाराओं के तहत संबंधित पक्ष को कारण बताओ नोटिस जारी किया था। साथ ही, निर्माण कार्य रोकने के निर्देश भी दिए गए और मामले में वाद दर्ज कर सुनवाई की प्रक्रिया शुरू की गई।
प्राधिकरण ने सुनवाई के लिए 12 अक्टूबर 2026 की तिथि निर्धारित की थी। सुनवाई के दौरान संबंधित पक्ष उपस्थित हुआ, लेकिन व्यावसायिक निर्माण की स्वीकृति से जुड़े आवश्यक अभिलेख प्रस्तुत नहीं किए जा सके। प्राधिकरण के अनुसार, संबंधित पक्ष का जवाब भी संतोषजनक नहीं पाया गया। इसके बाद नियमानुसार कार्रवाई करते हुए मौके पर किए गए निर्माण को सील कर दिया गया।
अवैध निर्माण पर MDDA की नजर
प्राधिकरण की ओर से देहरादून और मसूरी क्षेत्र में अवैध प्लाटिंग, बिना मानचित्र स्वीकृति के निर्माण और स्वीकृत मानचित्र के विपरीत किए जा रहे निर्माणों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। MDDA का कहना है कि शहर में सुनियोजित विकास सुनिश्चित करने के लिए भवन निर्माण से जुड़े नियमों का पालन आवश्यक है।
नियम तोड़ने वालों पर होगी कार्रवाई: बंशीधर तिवारी
MDDA के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि राजधानी और आसपास के क्षेत्रों में सुनियोजित विकास प्राधिकरण की प्राथमिकता है। बिना मानचित्र स्वीकृति के किए जा रहे निर्माणों को चिह्नित कर नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने आम नागरिकों से अपील की कि भवन निर्माण अथवा व्यावसायिक गतिविधियों के लिए निर्माण शुरू करने से पहले आवश्यक मानचित्र स्वीकृत कराएं और निर्धारित नियमों का पालन करें।
वहीं, MDDA के सचिव मोहन सिंह बर्निया ने कहा कि अवैध निर्माण के मामलों में संबंधित पक्ष को नोटिस जारी कर अपना पक्ष रखने का अवसर दिया जाता है। इंजीनियर्स एन्कलेव के मामले में आवश्यक अभिलेख प्रस्तुत नहीं किए जाने और जवाब संतोषजनक नहीं पाए जाने के बाद सीलिंग की कार्रवाई की गई। उन्होंने स्पष्ट किया कि अवैध निर्माण के विरुद्ध प्राधिकरण की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
