HamariChoupal,02,02,2026
देहरादून(आरएनएस)। उत्तराखंड में कानून-व्यवस्था एक बार फिर गंभीर सवालों के घेरे में है। राजधानी देहरादून से लेकर हरिद्वार और ऋषिकेश तक एक के बाद एक हुई जघन्य आपराधिक घटनाओं ने प्रदेश की सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी है। भीड़भाड़ वाले बाजार, धार्मिक आयोजन और रिहायशी इलाकों तक अपराधियों का बेखौफ घूमना आम लोगों के मन में भय पैदा कर रहा है। ऐसे में पुलिस की कार्यप्रणाली पर प्रश्नचिन्ह लगता है।
राजधानी देहरादून के व्यस्ततम पलटन बाजार में सोमवार सुबह सरेआम एक युवती की धारदार हथियार से हत्या कर दी गई। घटना के समय बाजार खुल रहा था और बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे, इसके बावजूद हमलावर ने वारदात को अंजाम दे दिया। दिनदहाड़े हुई इस हत्या से व्यापारियों और आम नागरिकों में भारी आक्रोश है।
वहीं हरिद्वार जिले में संत रविदास जयंती के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम उस समय खूनी संघर्ष में बदल गया, जब दो गुटों के बीच विवाद हो गया। झड़प के दौरान हुई हिंसा में दो लोगों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य घायल हुए हैं। धार्मिक आयोजन में इस तरह की हिंसा ने सामाजिक सौहार्द पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।
इसी तरह ऋषिकेश में भी एक युवती की हत्या की घटना सामने आई है। इसके अलावा प्रदेश के अलग-अलग इलाकों से चोरी, लूट और डकैती की लगातार मिल रही खबरें यह संकेत दे रही हैं कि अपराधियों के हौसले बुलंद हैं और पुलिस का खौफ कम होता जा रहा है।
लगातार हो रही इन घटनाओं ने प्रदेश सरकार के सुशासन और सख्त कानून-व्यवस्था के दावों को कठघरे में खड़ा कर दिया है। सवाल यह है कि जब राजधानी के सबसे सुरक्षित माने जाने वाले इलाकों में अपराध हो रहे हैं, तो आम नागरिक खुद को कितना सुरक्षित माने। अब जनता की निगाहें प्रशासन और पुलिस पर टिकी हैं कि क्या इन घटनाओं के बाद ठोस कार्रवाई होगी या फिर यह मामले भी फाइलों में दबकर रह जाएंगे।
