रेनु शर्मा
देहरादून हरिपुर कला के मुख्य वक्ता संजय , मण्डलेश्वर ललिता नन्द एवं निभा दीदी मुख्य आकर्षक केंद्र रहे। सनातन संस्कृति, पर्यावरण, कुटुम्ब प्रबोधन, नारी शक्ति और युवाओं के योगदान पर वक्तब्य रखे।
! ‘विश्व हिंदू’ शब्द का प्रयोग आमतौर पर पूरी दुनिया में फैले हिंदू समुदाय और उनकी संस्कृति के संदर्भ में किया जाता है। इसे अक्सर ‘विश्व हिंदू परिषद’ (VHP) जैसे संगठनों या ‘हिंदू डायस्पोरा’ (भारत से बाहर रहने वाले हिंदू) के वैश्विक प्रभाव से जोड़कर देखा जाता है।
यहाँ इसके कुछ मुख्य पहलुओं की जानकारी दी गई है:
1. वैश्विक उपस्थिति (Global Presence)
हिंदू धर्म दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा धर्म है। हालांकि इसकी जड़ें भारत में हैं, लेकिन आज यह दुनिया के हर कोने में फैला हुआ है:
प्रमुख देश: भारत और नेपाल के अलावा मॉरीशस, गुयाना, सूरीनाम, फिजी, अमेरिका, यूके, कनाडा और ऑस्ट्रेलिया में हिंदुओं की बड़ी आबादी रहती है।
जनसंख्या: विश्व स्तर पर लगभग 1.2 बिलियन (120 करोड़) से अधिक हिंदू हैं।
2. विश्व हिंदू परिषद (VHP)
जब हम ‘विश्व हिंदू’ शब्द सुनते हैं, तो अक्सर ध्यान इस संगठन की ओर जाता है:
स्थापना: इसकी स्थापना 1964 में स्वामी चिन्मयानंद और एम.एस. गोलवलकर द्वारा की गई थी।
उद्देश्य: हिंदू समाज को संगठित करना, हिंदू मूल्यों की रक्षा करना और विदेशों में रहने वाले हिंदुओं को अपनी संस्कृति से जोड़े रखना।
3. ‘वसुधैव कुटुंबकम’ का विचार
विश्व हिंदू दर्शन का मूल मंत्र “वसुधैव कुटुंबकम” है, जिसका अर्थ है— “पूरी पृथ्वी एक परिवार है।” यह विचारधारा केवल हिंदुओं की ही नहीं, बल्कि पूरी मानवता की भलाई और शांति की बात करती है।
4. सांस्कृतिक प्रभाव
आज दुनिया भर में हिंदू संस्कृति का प्रभाव बढ़ रहा है:
योग और आयुर्वेद: इसे पूरी दुनिया ने स्वीकार किया है।
त्योहार: दीपावली और होली जैसे त्योहार अब केवल भारत तक सीमित नहीं हैं, बल्कि व्हाइट हाउस (अमेरिका) से लेकर लंदन के ट्राफलगर स्क्वायर तक मनाए जाते हैं।
संक्षिप्त सारांश
विश्व हिंदू का अर्थ केवल एक धार्मिक पहचान नहीं, बल्कि एक विशाल सांस्कृतिक नेटवर्क है जो शांति, सहिष्णुता और आध्यात्मिक ज्ञान के संदेश को दुनिया भर में फैला रहा है।
कार्यक्रम को सफल बनाने में हिमांशु जुयाल , गोकुल डबराल सुन्दरलाल गौड़ , राजेंद्र भट्ट दुजेंद्र भाई साहब, जितेंद्र मोहन ग्वाड़ी धर्मेन्द्र मोहन मिथिलेश तुषार और खण्ड प्रचारक कार्तिक का विशेष योगदान रहा।मोहित शर्मा, सुनील जुगरान, पूजा ग्वाडी क्षेत्र पंचायत सदस्य, मितिका शर्मा क्षेत्र पंचायत।
