देहरादून,10,01,2025
देहरादून। गढ़वाल परिक्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक (IG) राजीव स्वरूप ने शनिवार को प्रेस वार्ता में अंकिता भंडारी हत्याकांड पर स्पष्ट किया कि थाना बसंत विहार, देहरादून में डॉ. अनिल प्रकाश जोशी (पर्यावरणविद, पद्मभूषण, पद्मश्री) द्वारा 9 जनवरी 2026 को दर्ज FIR नंबर 06/2026 (धारा 238, 249, 45 बी.एन.एस.) के सभी दस्तावेज पुलिस मुख्यालय भेजे जा चुके हैं। शासन स्तर से इन्हें CBI को ट्रांसफर किया जाएगा। IG ने जोर देकर कहा कि पुलिस और सरकार प्रकरण को लेकर अत्यंत गंभीर है।
IG स्वरूप ने बताया कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रकरण की संवेदनशीलता को देखते हुए स्वयं अंकिता के माता-पिता से बात की और उनके विचार सुने। इसके बाद CBI से जांच कराने के निर्देश दिए गए। “प्रकरण से जुड़े समस्त अभिलेख गढ़वाल परिक्षेत्र से पुलिस मुख्यालय प्रेषित हो चुके हैं। शासन CBI को भेजेगा। यह पारदर्शिता का प्रमाण है,” उन्होंने कहा।
प्रारंभ से ही पुलिस ने वरिष्ठ महिला IPS अधिकारी के नेतृत्व में SIT गठित की। SIT ने साक्ष्य संकलित कर तीनों अभियुक्तों को गिरफ्तार किया और जेल भेजा। प्रभावी पैरवी से आरोपी को एक दिन की जमानत भी न मिली। IG ने गर्व से कहा, “माननीय न्यायालय ने पुलिस साक्ष्यों के आधार पर तीनों को कठोरतम सजा—आजीवन कारावास—सुनाई। यह सरकार व प्रशासन की मेहनत का फल है।”
IG स्वरूप ने आम जनमानस से अपील की, “भ्रामक सूचनाओं या अफवाहों पर ध्यान न दें। यदि कोई साक्ष्य है तो पुलिस या जांच एजेंसी के समक्ष प्रस्तुत करें।” यह बयान विपक्ष के आंदोलनों और CBI निगरानी की मांग के बीच आया, जहां कांग्रेस ने VVIP संलिप्तता का आरोप लगाया। पुलिस ने स्पष्ट किया कि प्रकरण में पहले ही न्याय हो चुका, लेकिन नई FIR पर CBI जांच होगी।
