HamariChoupal,02,01,2025
पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत, महिला कांग्रेस कार्यकर्ता यमुना कॉलोनी गेट पर जमा हुए और नारेबाजी करते हुए मंत्री आवास की ओर बढ़े। प्रदर्शन के दौरान ज्योति रौतेला ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि अंकिता भंडारी हत्याकांड को तीन साल बीत गए, लेकिन पीड़ित परिवार को आज तक न्याय नहीं मिला। उन्होंने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा, “इस हत्याकांड में जिस वीआईपी का जिक्र हुआ था, वह नाम भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री और उत्तराखंड प्रभारी के रूप में सामने आया है। राज्य में पिछले वर्षों में महिला अपराधों के जितने भी मामले सामने आए हैं, उनमें भाजपा नेताओं की संलिप्तता जगजाहिर है। पुलिस ने उल्टे पीड़ितों को ही प्रताड़ित करने का काम किया है।”

रौतेला ने दूसरे मुद्दे पर भी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने मंत्री रेखा आर्य के पति गिरधारी लाल साहू के उस बयान की कड़ी निंदा की, जिसमें उन्होंने कहा था कि ‘बिहार से 20-25 हजार रुपये में लड़कियां आसानी से मिल जाती हैं’। रौतेला ने कहा, “यह बयान न केवल अमर्यादित और महिला विरोधी है, बल्कि भाजपा की विकृत मानसिकता को भी दर्शाता है, जहाँ महिलाओं की अस्मिता की कीमत लगाई जाती है। एक तरफ सरकार ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ का नारा देती है, वहीं महिला मंत्री के पति की जबान से ऐसा घृणित बयान सामने आता है।”
उन्होंने मंत्री रेखा आर्य से इसकी जिम्मेदारी लेते हुए सार्वजनिक स्पष्टीकरण देने की मांग की। इसके साथ ही, प्रदर्शनकारी सीधे डालनवाला थाना पहुंचे, जहाँ उन्होंने गिरधारी लाल साहू के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग करते हुए प्रथम सूचना रिपोर्ट (एफआईआर) दर्ज कराने का प्रयास किया। महिला कांग्रेस ने मंत्री और उनके पति से सार्वजनिक माफी माँगने की भी माँग रखी।


इस प्रदर्शन में प्रदेश उपाध्यक्ष आशा मनोरमा शर्मा, महानगर अध्यक्ष उमिला ढौंडियाल थापा, पार्षद कोमल बोरा समेत संगीता गुप्ता, सविता सोनगर, रॉबिन त्यागी, पिया थापा, अनीता सकलानी, पुष्पा पंवार, सुशीला शर्मा, अमृता कौशल, अनुराधा तिवारी, रितेश क्षेत्री, विनीत प्रसाद बंटू, गौरव आदि कार्यकर्ता शामिल रहे।
महिला कांग्रेस ने चेतावनी दी है कि यदि दोनों मामलों में त्वरित और ठोस कार्रवाई नहीं हुई, तो उनका आंदोलन और तेज होगा।
